Rajkumari ki kahani and baccho ki kahani, राजकुमारी और बच्चों की काहनी

Rajkumari ki kahani and baccho ki kahani

Rajkumari ki kahani and baccho ki kahani, राजकुमारी और बच्चों की काहनी, राजकुमारी सभी बच्चों से बात कर रही थी तभी एक बच्चा कहने लगा कि देखो एक सुनहरी चिड़िया उस पेड़ पर आकर बैठ गई है वह चिड़िया बहुत ही सुंदर लग रही है तभी rajkumari ने उस चिड़िया को देखा राजकुमारी सुनहरी चिड़िया को बहुत ध्यान से देखा तो पता चला कि यह चिड़िया बिल्कुल अलग है

Rajkumari ki kahani and baccho ki kahani : राजकुमारी और बच्चों की काहनी

Rajkumari ki kahani

Rajkumari ki kahani

सभी बच्चों को भी ऐसा ही लग रहा था कि सुनहरी चिड़िया हमने पहले कभी नहीं देखी है राजकुमारी पेड़ के पास जाती है rajkumari को देखकर चिड़िया राजकुमारी के पास आ जाती है और उनके हाथ पर बैठ जाती है सभी बच्चे हैरानी से देखते हैं कि है चिड़िया तो rajkumari के हाथ पर आकर बैठ गई है यह राजकुमारी को कैसे जानती है उसके बाद सभी बच्चे देखने लगे और चिड़िया राजकुमारी के आसपास उड़ने लगी राजकुमारी को बहुत अच्छा लग रहा था

 

but यह चिड़िया rajkumari को कुछ कहना चाहती थी शायद राजकुमारी चिड़िया की बात समझ नहीं रही थी जब सुनहरी चिड़िया को लगा कि राजकुमारी उसकी बात नहीं समझ रही है तभी वह थोड़ी थोड़ी दूरी पर जाकर बैठ जाती है और rajkumari भी इस तरह चिड़िया के पीछे पीछे चली जाती उसके बाद राजकुमारी चिड़िया के पीछे पीछे चली गई और सभी बच्चे भी चिड़िया के साथ ही जा रहे थे तभी राजकुमारी एक पेड़ के पास पहुंच गई वहीं पर जाकर वह चिड़िया उड़ने लगी उसके बाद राजकुमारी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की चिड़िया यहां पर क्यों आयी है वह क्या कहना चाहती है

 

इस तरह क्यों उड़ रही है सभी बच्चे चिड़िया को देख रहे थे उसके बाद वह सुनहरी चिड़िया घोसले की ओर इशारा करती है और बार-बार अपने घोंसले के ऊपर उड़ती रहती है सभी बच्चे एक एक करके पेड़ पर चढ़कर चिड़िया का घोंसला नीचे उतार दिया तभी देखा कि उसमें एक दूसरी चिड़िया जिसको चोट लगी हुई थी अब बात समझ में आ गई थी rajkumari इस बात को समझ गई थी कि चिड़िया मुझे यहां पर क्यों लाई है यह दूसरी चिड़िया घायल है

 

इसी वजह से वह मुझे यहां पर लेकर आई है rajkumari चिड़िया का घोंसला साथ में लिया और महल की ओर चली गई सभी बच्चे साथ में राजकुमारी के महल की ओर जाने लगे उसके बाद rajkumari ने उस दूसरी चिड़िया को ठीक कर दिया और उसके बाद वह घोंसला अपने महल के पास एक पेड़ के पास रख दिया और वह दोनों चिड़िया उसी घोसले में रहने लगी राजकुमारी हर रोज दोनों चिड़िया को खाना भी खिलाया करती थी जिसकी वजह से वे दोनों चिड़िया हमेशा राजकुमारी के पास ही रहती थी

 

सभी बच्चे rajkumari के पास उन चिड़ियों को देखने के लिए आया करते थे 1 दिन राजकुमार ने सुनहरी चिड़िया को राजकुमारी के पास देखा और देखकर उनके पास आकर पूछने लगे कि यह सुनहरी चिड़िया आपके पास कैसे आई है क्योंकि इस चिड़िया को मैंने कभी पहले नहीं देखी है rajkumari ने बताया कि यह चिड़िया मुझे काफी समय पहले मिली थी और इस तरह यह हमारी दोस्त बन गई और यह तब से मेरे ही पास है

Rajkumari ki kahani and baccho ki kahani

राजकुमार को भी वह चिड़िया बहुत पसंद थी rajkumari इस बात को जानती थी कि सुनहरी चिड़िया बहुत अच्छी है और वह हमेशा मेरे साथ रहेगी इस तरह सुनहरी चिड़िया के साथ राजकुमारी का समय व्यतीत हो रहा था और दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे अगर आपको यह rajkumari ki kahani and baccho ki kahani पसंद नहीं है तो आगे भी शेयर करें कमेंट करके हमें बताएं

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